संत श्री रैदास (रविदास) जी की जीवनी (Sant Raidas Ki Jivni)
संत श्री रैदास (रविदास) जी की जीवनी संत रैदास भक्तिकाल के अग्रणी संतों में से एक थे, वे संत श्री रामानंदजी के शिष्य थे। संत रैदास जी को संत रविदास के नाम से भी जाना जाता है, वे संत श्री गोस्वामी तुलसीदास जी और संत श्री गोरखनाथ जी के समकालीन संत थे। उन्होंने परम कृष्ण भक्त मीराबाई को भी दीक्षा दी थी। इन्होने अपने जीवन में कई बार भगवान के साक्षात दर्शन प्राप्त किए, इनकी महिमा को देखकर भारत के कई राजा और रानियाँ इनकी शरण में आकर भक्ति मार्ग से जुड़े, इन्होने अपने समय में समाज में फैली कुरीतियों और भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया। संत रैदास (रविदास) जी का प्रारंभिक जीवन संत रैदास का जन्म सन 1450 को काशी नगरी में हुआ था, इसके पिता का नाम रग्घू तथा माता का नाम घुरबीनिया था, ये जाती से चर्मकार थे तथा जूते बनाने का काम किया करते थे। रैदास जी की बचपन से ही भगवान की भक्ति और साधु सेवा में विशेष रूचि हो गयी थी। थोड़ा बड़ा होने पर इन्होने भी अपने पिता का व्यवसाय अपना लिया और जूते बनाने का काम करने लगे, कुछ समय बाद इनका विवाह भी कर दिया गया, इनकी पत्नी का नाम लोना देवी था। स्वभाव से संत र...