तेजा दशमी
तेजा दशमी के पीछे की कहानी किंवदंतियों और मान्यताओं के साथ इतिहास पर नजर डालें तो वीर तेजाजी का जन्म विक्रम संवत 1130 माघ शुक्ल चतुर्दशी (गुरुवार 29 जनवरी 1074) को खरनाल में हुआ था. वह नागौर जिले के खरनाल के मुखिया कुंवर तहरजी के पुत्र थे. माता का नाम राम कंवर था. किंवदंतियों में अब तक दर्ज जानकारी के अनुसार तेजाजी का जन्म माघ सुदी चतुर्दशी को 1130 ई. में हुआ था, जबकि ऐसा नहीं है. तेजाजी का जन्म विक्रम संवत 1243 के माघ सुदी चौदस को हुआ था. तेजाजी जन्म कथा वहीं, तेजाजी की वीर गति का वर्ष 1160 दंतकथाओं में दर्ज है. जबकि सच्चाई इसके उलट है. तेजाजी को वीर गति 1292 में अजमेर में पनेर के पास सुरसुरा में मिली थी. हालांकि तिथि भादवा की दसवीं ही है. कहा जाता है कि वीर तेजाजी का जन्म भगवान शिव की पूजा और नाग देवता की कृपा से ही हुआ था. जाट परिवार में जन्में तेजाजी को जाति व्यवस्था का विरोधी भी कहा जाता है. तेजाजी का विवाह बचपन में हुआ था कहा जाता है कि वीर तेजाजी का विवाह बचपन में ही हो गया था. उनका विवाह पनेर गांव के रायमलजी की पुत्री पेमल से हुआ था. पेमल के मामा इस रिश्ते के खिलाफ ...