बुद्ध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान बुद्ध को श्री विष्णु के 9वें अवतार हैं, इसलिए हिंदू धर्म के लोगों के लिए भी बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है बुद्ध जयंती 23 मई को मनाई जा रही है. दुनिया भर के बौद्ध और हिंदू भगवान गौतम बुद्ध के जन्म को बुद्ध जयंती के रूप में मनाते हैं. भगवान बुद्ध का जन्म सिद्धार्थ गौतम नाम के एक राजकुमार के रूप में पूर्णिमा तिथि पर 563 ईसा पहले पूर्णिमा के दिन लुंबिनी में हुआ था. इसलिए उनकी जयंती के दिन को बुद्ध पूर्णिमा या बैसाखी बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं. श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, जावा, इंडोनेशिया, तिब्बत, मंगोलिया ये सब देश बुद्ध जयंती के विशेष दिन को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाते हैं. दरअसल बुद्ध जयंती की तारीख एशियाई चन्द्र सौर कैलेंडर पर आधारित है, इसलिए हर इसकी तारीख में बदलाव होता है. इस बार बुद्ध पूर्णिमा 25 मई की रात 08.29 बजे शुरू हुई और 26 मई शाम 04.43 बजे समाप्त होगी. भगवान गौतम बुद्ध एकमात्र ऐसे थे जिन्होंने जन्म और पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति पाई थी. वो एक दार्शनिक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और धार्मिक ...